Wednesday April 22, 2026

ईरान के विदेश मंत्री से एस. जयशंकर ने बात की। चर्चा में 17 भारतीयों की रिहाई समेत इन मुद्दों पर चर्चा की गई।

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  ईरान ने इजरायल के खिलाफ जंग की शुरुआत कर दी है। 13 अप्रैल को इसी त्रासदी के दौरान, एक जहाज को हार्मुज जलडमरूमध्य के निकट बंधक बना लिया गया जिसमें 17 भारतीय सवार थे। बारे में समाचार मिलता ही भारतीय विदेश मंत्रालय ने तत्काल कार्रवाई की। विदेश मंत्रालय ने इस मामले में ईरान से संपर्क स्थापित किया है और भारतीयों की रिहाई के लिए प्रयास कर रहा है। डीटेल्स के अनुसार, जहाज एक इजराइली अरबपति कारोबारी के आंशिक स्वामित्व वाली कंपनी से संबंधित था जिसपर 17 भारतीय सवार भी सवार थे।  

 

 एस. जयशंकर ने बताया 
इस मामले के संबंध में एक नयी जानकारी सामने आई है। वास्तव में, केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर साझा की। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा है कि वे इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के विदेश मंत्री एच. अमीरबदोल्लाहियन से रविवार शाम को बात की। उन्होंने इस बात पर भी बातचीत की कि एमएससी एरीज के 17 भारतीय चालक दल के सदस्यों की रिहा-कुला पर। क्षेत्र की वर्तमान स्थिति पर भी चर्चा की गई। इस मेटिंग में जोर दिया गया कि तनाव को कम किया जाए, संयम बनाए रखा जाए और कूटनीति के माध्यम से समस्या का समाधान निकाला जाए।    

 

रान ने 25 लोगों को बनाया बंधक। 
यह जहाज एमएससी एरीज कहलाता है, जिसे ईरान ने हाथ में लिया है। 17 भारतीय नागरिक इस जहाज पर सवार हैं। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, ईरानी अधिकारियों के संपर्क में हम उन्हें तेजी से मुक्त करने के लिए काम कर रहे हैं, तेहरान और दिल्ली से। एमएससी ने बताया कि उन्हें चालक दल के 25 सदस्यों की सुरक्षा और जहाज की वापसी के लिए साथ मिलकर काम कर रहें हैं।