Thursday June 25, 2026

राजीव गांधी की हत्या उनकी चुनावी रैली में हुए विस्फोट के दौरान हुई थी।

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राजीव गांधी की मृत्यु की बारहवीं सालगिरह: आज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि है। इस दिन, यानी 21 मई, हर साल आतंकवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाया जाता है। 1991 में तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक चुनावी सभा के दौरान एक आत्मघाती हमलावर ने उनकी हत्या कर दी थी। उसने एक बेल्ट बम चलाया था, जिसमें राजीव गांधी सहित कई लोग मारे गए थे। इस हमले के बाद से 21 मई 1991 से राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी दिवस की घोषणा की गई थी।    

राजीव गांधी की हत्या कैसे हुई?    

राजीव गांधी एक चुनावी सभा में भाग लेने श्रीपेरंबदूर गए थे। सभा से पहले लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए राजीव गांधी आगे बढ़ रहे थे, तभी लिबरेशन ऑफ तमिल टाइगर्स ईलम (LTTE) की महिला सदस्य जो अपने कपड़ों के भीतर विस्फोटक छिपाकर ले गई थी, ने राजीव गांधी का पैर छूने के बहाने विस्फोट कर दिया। अचानक तेज धमाके से धुएं का विशाल गुब्बारा उठा। धुआं हटता तब तक पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी समेत वहां मौजूद लोगों के चिथड़े उड़ चुके थे। भारी संख्या में लोग घायल भी हुए थे। इसके बाद से 21 मई को राजीव गांधी की स्मृति में आतंकवाद दिवस मनाया जा रहा है।    

"एंटी-टेररिज्म डे की मनाई की योजना"    

राजीव गांधी की हत्या के बाद वी.पी. सिंह सरकार ने 21 मई को एंटी-टेररिज्म डे के रूप में मनाने का निर्णय लिया। इस दिन सभी सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों द्वारा आतंकवाद को खत्म करने की उपलब्धि तक पहुँचने का आयोजन किया जाता है। साथ ही इस दिन के महत्व को बताते हुए डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से आतंकवाद विरोधी संदेश प्रसारित किये जाते हैं।    

"प्रधानमंत्री की पद हेतु उम्र 40 वर्ष होना"    

राजीव गांधी ने भारत के छठे प्रधानमंत्री के रूप में अपनी मां और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की मौत के बाद 40 साल की उम्र में देश के प्रधानमंत्री के पद पर आसीन हुए।

उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिए हैं।    

उनके कार्यकाल में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की बात करें।    

राजीव गांधी ने 1986 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत देश की शिक्षा को विस्तारित करने का प्रयास किया। 
उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालयों की स्थापना की।   
वे विज्ञान और तकनीक को बढ़ावा देने के प्रयास किए। 
उन्होंने देश में कंप्यूटर के प्रयोग को बढ़ावा दिया।  
सुपर कंप्यूटर के निर्माण को बढ़ावा दिया। 
राजीव गांधी ने देश की अर्थव्यवस्था को उदार बनाने का भी प्रयास किया। 
उन्होंने लाइसेंस राज को खत्म करने के लिए मजबूत कदम उठाए।  
कई कॉर्पोरेट कंपनियों को उद्योग उत्पादन बढ़ाने के लिए सब्सिडी प्रदान की।