इस बीच अली खामेनेई ने इजरायली हमले पर प्रतिक्रिया देते कहा कि इस सप्ताहांत ईरान पर हुए इजराइल के हमले को ‘‘न तो बढ़ा-चढ़ाकर और न ही कम करके बताया जाना चाहिए।’’ बहरहाल खामेनेई ने इस हमले के बाद जवाबी कार्रवाई का आह्वान करने से परहेज किया। खामेनेई की ये टिप्पणियां संकेत देती हैं कि ईरान इस हमले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया पर सावधानीपूर्वक विचार कर रहा है। ईरान की सेना पहले ही कह चुकी है कि गाजा पट्टी या लेबनान में संघर्ष विराम इजरायल पर किसी भी जवाबी हमले से बेहतर है, लेकिन ईरानी अधिकारियों ने यह भी कहा है कि उनके पास जवाब देने का अधिकार है।
इजरायली हमले को कमतर नहीं आंकें
खामेनेई ने कहा, ‘‘इजराइली शासन द्वारा दो रात पहले किए गए दुष्कृत्यों को न तो बढ़ा-चढ़ाकर और न ही कम करके पेश किया जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इजरायली शासन की गलतफहमियों को दूर किया जाना चाहिए। उन्हें ईरानी राष्ट्र और उसके युवाओं की ताकत एवं इच्छाशक्ति के बारे में समझाना जरूरी है।’’ खामेनेई ने कहा, ‘‘यह तय करना प्राधिकारियों का काम है कि ईरानी लोगों की इच्छाशक्ति और ताकत के बारे में इजराइली शासन को कैसे समझाया जाए और इस राष्ट्र के हितों की पूर्ति करने वाली कार्रवाई कैसे की जाएग। (एपी)