मीडिया के मुताबिक नए नियमों के मुताबिक पीएफ रिपोर्ट अपने आप ट्रांसफर हो जाती थी। इसका मतलब यह है कि अब आपको नौकरी बदलने पर अपने पीएफ खाते को नए खाते में ट्रांसफर करने की जरूरत नहीं है। उदाहरण के तौर पर अगर आप नौकरी बदलते हैं तो आपका पीएफ अकाउंट 1 अप्रैल से ही ट्रांसफर हो जाएगा.
पहले, जब आप नौकरी बदलते थे, तो आपको नए नौकरी स्थान में एक नया पीएफ खाता खोलना पड़ता था। नौकरी बदलने के बाद, आपको ऑनलाइन EPFO की वेबसाइट पर जाकर अपने पुराने और नए PF खातों को मर्ज कराना होता था। लेकिन अब, आपको अपने PF खातों को मर्ज या ट्रांसफर करवाने की आवश्यकता नहीं होगी। नौकरी बदलने के साथ ही, यह स्वचालित रूप से ट्रांसफर हो जाएगा। EPF खाते में कर्मचारियों को अपनी बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत का योगदान करना होता है, और यही राशि नियोक्ता की ओर से भी योगदान किया जाता है। इसी खाते के माध्यम से कर्मचारियों को आगे चलकर पेंशन प्राप्त होती है।
पिछले पीएफ खातों को लिंक किया जाए. पहले नौकरी बदलने पर नए पीएफ खाते यूएएन में जोड़े जाते थे। नौकरी बदलने के बाद ऑनलाइन ईपीएफओ की वेबसाइट पर जाएं और अपना ईपीएफ खाता लिंक करें। नहीं अब आपको अपने पीएफ खाते को लिंक करने या ट्रांसफर करने की जरूरत नहीं है। नौकरी बदलने पर यह अपने आप बदल जाता है। कर्मचारी को ईपीएफ खाते में मूल वेतन का 12 प्रतिशत योगदान करना होता है और नियोक्ता भी उतना ही योगदान देता है। फिर इसी खाते के जरिए कर्मचारी को पेंशन का भुगतान किया जाता है।
16.02 लाख सदस्य ईपीएफओ से जुड़े: ईपीएफओ वेतन डेटा के अनुसार जनवरी 2024 में 16.02 लाख सदस्य ईपीएफओ से जुड़े। श्रम मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। इस दौरान ईपीएफओ के लिए करीब 8.08 लाख नए सदस्य पंजीकृत हुए। मंत्रालय ने कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के अनंतिम वेतन डेटा में जनवरी 2024 में 16.02 लाख सदस्यों की शुद्ध वृद्धि देखी गई है।