जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। सभी पार्टियों ने अपने उम्मीदवार उतारने शुरू कर दिए हैं। जम्मू-कश्मीर की वीआईपी सीटों की बात करें तो अनंतनाग विधानसभा क्षेत्र उनमें से एक है। अनंतनाग में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला है। यहां इस बार कांग्रेस, पीडीपी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच कड़ी चुनावी लड़ाई देखी जा रही है। 2016 में इस सीट पर उपचुनाव भी हुआ था। तब पीडीपी की महबूबा मुफ्ती ने जीत दर्ज की थी।
इस बार अनंतनाग से कांग्रेस ने पीरजादा मोहम्मद सैयद को टिकट दिया है। जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (JKPDP) ने इस सीट से मिर्जा महबूब को उम्मीदवार बनाया है। बीजेपी ने इस सीट से सैयद पीरजादा वजाहत हुसैन को टिकट दिया है।
इसके साथ ही कांग्रेस से अलग हुए गुलाम नबी आजाद की पार्टी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (DPAP) ने मीर अल्तफ हुसैन को अपना उम्मीदवार बनाया है। जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी (JKAP) ने हिलाल अहमद शाह को अनंतनाग विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया है।
ऐसे मे देखना दिलचस्प होगा कि इस बार इस सीट से कौन सी पार्टी के उम्मीदवार जीत दर्ज करते हैं। 2014 और 2016 के उपचुनाव में इस सीट पर पीडीपी के उम्मीदवार पिता और बेटी यानी मुफ्ती मोहम्मद सईद और महबूबा मुफ्ती ने जीत दर्ज की थी।
2016 में इस सीट पर उपचुनाव हुआ था। पीडीपी की महबूबा मुफ्ती ने यहां से जीत दर्ज की थी। कांग्रेस के उम्मीदवार हिलाल अहमद शाह को उन्होंने हराया था। पीडीपी की महबूबा मुफ्ती को 17,701 वोट मिले थे। कांग्रेस उम्मीदवार को सिर्फ 5,616 वोट मिले थे।
साल 2014 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से पीडीपी के उम्मीदवार मुफ्ती मोहम्मद सईद चुनाव जीते थे। मोहम्मद सईद ने कांग्रेस के हिलाल अहमद शाह 33,200 वोटों से हराया था। अनंतनाग सीट से जीत दर्ज करने के बाद मुफ्ती मोहम्मद सईद जम्मू-कश्मीर के सीएम भी बने थे। उनके निधन के बाद ही इस सीट पर उपचुनाव हुआ था और उनकी बेटी महबूबा मुफ्ती ने जीत दर्ज की थी।