इंदौर के एक छात्र ने Prestige Institute of Engineering Management and Research में CSE (कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग) में एडमिशन लिया था, लेकिन एडमिशन के कुछ समय बाद उसे कॉलेज प्रशासन द्वारा EC (इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन) ब्रांच में शिफ्ट कर दिया गया। कॉलेज के एडमिशन हेड ने छात्र को आश्वासन दिया था कि 2nd साल में उसे फिर से CSE में शिफ्ट किया जाएगा।
हालांकि, जब 2nd साल आया, कॉलेज प्रशासन ने अपने वादे से मुकरते हुए छात्र को CSE में शिफ्ट करने से मना कर दिया। लगातार आश्वासनों और बहानों के बाद भी छात्र को CSE ब्रांच में नहीं लाया गया। इस धोखाधड़ी के चलते छात्र को मजबूरन दूसरे कॉलेज में ट्रांसफर लेना पड़ा, जहां उसे IT (इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी) ब्रांच में एडमिशन मिला।
इस ब्रांच बदलाव के कारण छात्र की स्कॉलरशिप भी रुक गई है। Prestige College में पहले साल की स्कॉलरशिप मिलने के बावजूद, कॉलेज बदलने के बाद छात्र को 2nd साल से स्कॉलरशिप नहीं मिल रही है। छात्र ने कई बार अधिकारियों से संपर्क किया, कलेक्टर और मुख्यमंत्री कार्यालय में पत्र भी दिया, लेकिन कोई हल नहीं निकला। इसके अलावा, Prestige College अब छात्र से पूरी फीस की मांग भी कर रहा है, जो कि छात्र के लिए एक अतिरिक्त बोझ है।
यह समस्या सिर्फ एक छात्र की नहीं है, बल्कि और भी कई छात्रों के साथ ऐसा ही हो रहा है, जिनमें से कई OBC कैटेगरी से आते हैं। अब छात्रों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है, क्योंकि यह समस्या एक छात्र तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई छात्रों के साथ भी धोखाधड़ी हो रही है।
NOTE : छात्र और उनके माता-पिता के लिए सूचना
प्रिय छात्र और अभिभावक,
यह सूचित किया जाता है कि Prestige Institute of Engineering Management and Research में कई छात्रों के साथ एडमिशन और स्कॉलरशिप से संबंधित गंभीर धोखाधड़ी की घटनाएं सामने आई हैं। कई छात्रों को CSE (कंप्यूटर साइंस) के नाम पर एडमिशन दिया गया, लेकिन बाद में उन्हें EC (इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन) ब्रांच में शिफ्ट कर दिया गया, और 2nd साल में वापस CSE में शिफ्ट करने का वादा किया गया, जिसे पूरा नहीं किया गया। इस वादाखिलाफी के कारण छात्रों को मजबूरी में दूसरे कॉलेज में ट्रांसफर लेना पड़ा, जिससे उनकी स्कॉलरशिप भी रुक गई है।
यह समस्या अब सिर्फ एक छात्र की नहीं रह गई है। ऐसे कई छात्र और अभिभावक हैं, जिनके साथ यही धोखाधड़ी हुई है। इसके चलते छात्रों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर न्याय की मांग की है, ताकि उनकी शिक्षा और स्कॉलरशिप की समस्याओं का समाधान हो सके।
हम यह अपील करते हैं कि यदि आप भी इस स्थिति से प्रभावित हुए हैं, तो अपनी आवाज़ उठाएं। इस समस्या का हल तभी संभव है जब सभी मिलकर आगे आएं और प्रशासन को सचेत करें।
धन्यवाद, Subham Vishwakarma